पटना: दिवाली के त्योहार के समाप्त होते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस बैठक में सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार और विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारियों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक
मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर धान अधिप्राप्ति की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव एन सरवन कुमार ने प्रेजेंटेशन के जरिए धान अधिप्राप्ति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य, अधिप्राप्ति की प्रस्तावित अवधि और लक्ष्य से संबंधित जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि इस बार सामान्य ग्रेड के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। धान अधिप्राप्ति की प्रस्तावित अवधि 1 नवंबर 2024 से 15 फरवरी 2025 तक रहेगी। चरणबद्ध तरीके से धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया आरंभ की गई है और इस वर्ष का लक्ष्य 45 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। राज्य में उसना चावल मिलों की संख्या अब 360 हो गई है।
धर्मेंद्र सिंह ने भी धान अधिप्राप्ति की कार्य योजना के बारे में दी जानकारी
बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने भी धान अधिप्राप्ति की कार्य योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में राज्य के 19 जिलों में आज से धान अधिप्राप्ति शुरू हो गई है, जबकि अन्य जिलों में 15 नवंबर से यह कार्य आरंभ किया जाएगा। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। कृषि से जुड़े लोगों को धान अधिप्राप्ति में किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़े, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सीएम ने कहा
सीएम ने कहा कि धान के अनुमानित उत्पादन के अनुसार जिलावार अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। धान अधिप्राप्ति में गड़बड़ी करने वालों पर नजर रखी जाए। धान अधिप्राप्ति कार्य को तेजी से और बेहतर तरीके से किया जाए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में मंत्री प्रेम कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


































