Tejashwi Yadav
Tejashwi Yadav

पटना: बिहार में जहरीली शराब से हो रही लगातार मौतों के बीच, आरजेडी ने सत्तारूढ़ जेडीयू का एक नया नाम दिया है। पार्टी ने कहा कि जेडीयू का असली मतलब ‘जहां दारू अनलिमिटेड’ है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति वास्तव में एक बड़ा भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा कि नीतीश अब महात्मा बनने का ढोंग कर रहे हैं, जबकि उन्होंने हर गली में शराब की दुकानें खुलवाने का काम किया है।

जहरीली शराब से मौतों का आरोप

आरजेडी ने कहा कि सिवान, छपरा और मुजफ्फरपुर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के लिए नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार क्यों फल-फूल रहा है।

आंकड़ों के जरिए सवाल

तेजस्वी यादव ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2004-05 में बिहार में 500 से कम शराब की दुकानें थीं, जो 2014-15 में बढ़कर 2,360 हो गईं। उन्होंने कहा कि नीतीश के शासन में शराब की दुकानों की संख्या 58 साल में 3,000 से बढ़कर 10 साल में 6,000 हो गई।

शराबबंदी की विफलता

तेजस्वी ने NHFS रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि शराबबंदी के बावजूद बिहार में पुरुषों का 15.5% शराब पीता है, जो महाराष्ट्र से ज्यादा है। इसके अलावा, अवैध शराब के कारोबार पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि प्रतिदिन 400 से अधिक लोग शराब से जुड़े मामलों में गिरफ्तार होते हैं।

वंचित जातियों का शोषण

तेजस्वी ने कहा कि शराबबंदी के उल्लंघन के मामलों में 12.7 लाख गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें से 95% दलित और वंचित जातियों के लोग हैं। उन्होंने इसे इन जातियों के साथ शोषण के रूप में देखा।

भ्रष्टाचार का आरोप

तेजस्वी ने निष्कर्ष निकाला कि नीतीश कुमार की शराबबंदी वास्तव में एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला है, जिसमें लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का समानांतर कारोबार चल रहा है, जिसका सीधा लाभ जेडीयू को मिल रहा है।

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