रांची/झारखंड: झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन में फूट पड़ गई है। आरजेडी ने 20 से 21 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है और जेएमएम तथा कांग्रेस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। यदि सोमवार की सुबह तक उन्हें संतोषजनक सीटें नहीं मिलतीं, तो आरजेडी अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर देगी।

आरजेडी को 3-4 सीटों का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को गठबंधन में सीट बंटवारे का एलान किया था, जिसमें बताया गया कि कांग्रेस और जेएमएम 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि आरजेडी और वामपंथी पार्टियों के लिए 11 सीटें छोड़ दी गई हैं। आरजेडी को केवल 3-4 सीटें देने का प्रस्ताव रखा गया था।

आरजेडी नेताओं के साथ बेइज्जती

आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि पिछले तीन दिनों में जेएमएम से बातचीत हुई, लेकिन शनिवार को जब जेएमएम और कांग्रेस ने सीट बंटवारे का ऐलान किया, तो आरजेडी से बिना चर्चा के यह किया गया। आरजेडी नेताओं को उचित सम्मान नहीं मिला, और उन्हें सीमित सीटों की पेशकश की गई।

अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी

मनोज झा ने स्पष्ट किया कि 3-4 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा। झारखंड में आरजेडी के पास ऐसे 20 सीटें हैं, जहां उसका वोट बैंक महत्वपूर्ण है। पिछले चुनाव में आरजेडी ने केवल सात सीटों पर लड़ने का फैसला किया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। आरजेडी 20 से 22 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने को तैयार है।

24 घंटे का अल्टीमेटम

मनोज झा ने कहा है कि जेएमएम और कांग्रेस को 24 घंटे का वक्त दिया गया है। अगर वे सोमवार सुबह तक आरजेडी को सम्मानजनक सीटें नहीं देतीं, तो आरजेडी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी।

अन्य सीटों पर गठबंधन को समर्थन

मनोज कुमार झा ने बताया कि आरजेडी उन सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जहां उसका वोट जेएमएम और कांग्रेस से ज्यादा है। बाकी 60-62 सीटों पर आरजेडी कांग्रेस और जेएमएम को समर्थन देगी, लेकिन बीजेपी के साथ नहीं जाएगी। चुनाव के बाद आरजेडी के विधायक हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन करेंगे, लेकिन फिलहाल अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली गई है।

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