पटना: शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की सरकार की कोशिशों के बीच वैशाली जिले में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।

अक्टूबर 2024 से, शिक्षकों का वेतन विभागीय पोर्टल ई-शिक्षा कोष पर ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर देने का निर्णय लिया गया है। इसी संदर्भ में जिला शिक्षा विभाग ने 1 से 8 अक्टूबर के बीच ई-शिक्षा कोष पर उपस्थिति की जांच की।आंकड़ों के अनुसार, कई शिक्षक दानापुर, पटना, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर से पोर्टल पर फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। हाजीपुर की एक शिक्षिका की दो दिन की उपस्थिति हरियाणा के गुरुग्राम से अपलोड की गई है।

भगवानपुर और पातेपुर के कुछ शिक्षकों के मामले में भी अनियमितता पाई गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना कुमार शशि रंजन ने पत्र जारी कर 7099 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।

शो-कॉज का जवाब देने की अंतिम तिथि आज

कुमार शशि रंजन ने सभी शिक्षकों को प्रखंड शिक्षा कार्यालय के माध्यम से 15 अक्टूबर तक अपना जवाब देने का निर्देश दिया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

पोर्टल पर उपस्थिति कैसे दर्ज की जाती है

विद्यालय का समय बच्चों के लिए सुबह 09 बजे है, जबकि शिक्षकों को दस मिनट पहले पहुंचना होता है। उन्हें लॉगिन के माध्यम से विद्यालय में उपस्थिति दर्ज करनी होती है और सेल्फी अपलोड करनी होती है।

छुट्टी के समय 04:30 बजे पोर्टल पर आउट होना आवश्यक है। यह प्रक्रिया केवल विद्यालय के 500 मीटर की दूरी के भीतर ही की जा सकती है।

ई-शिक्षा पोर्टल पर 1 से 8 अक्टूबर तक उपस्थिति आंकड़े

विद्यालय में उपस्थित नहीं रहने वाले शिक्षकों की संख्या – 5275

समय से पहले आउट होने वाले शिक्षकों की संख्या – 700

अनुपस्थित शिक्षकों की संख्या – 864

विद्यालय से बाहर उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों की संख्या – 260

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