पटना: बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ के कारण हुए नुकसान की रिपोर्ट सभी संबंधित विभागों से मांगी है। इस जानकारी के आधार पर एक समेकित रिपोर्ट तैयार की जाएगी।केंद्रीय टीम जल्द ही बिहार का दौरा करेगी, जिसके दौरान सड़क, फसल, घर और जान-माल के नुकसान की जानकारी पेश की जाएगी।
सड़क को बड़े स्तर पर नुकसान
सड़क के नुकसान की रिपोर्ट दो चरणों में प्राप्त होगी। पहले चरण की रिपोर्ट दैनिक नियंत्रण कक्ष से भेजी जाएगी, जिसमें सड़क के कटने, फ्लैंक के क्षतिग्रस्त होने और पुलों के अप्रोच पथ के बर्बाद होने की जानकारी शामिल होगी। सड़क से पानी उतरने के बाद, पथ निर्माण विभाग ने सभी डिवीजनों से विस्तार से नुकसान की रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह पता चल सके कि कितने स्टेट हाईवे और मेजर डिस्ट्रिक्ट पथ प्रभावित हुए हैं और इन्हें मरम्मत या पुनर्निर्माण में कितना खर्च होगा।
सीमांचल और भागलपुर जिले में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा, पटना और नालंदा में भी कुछ सड़कें प्रभावित हुई हैं, जबकि उत्तर बिहार में भी कई स्थानों पर सड़कें कट गई हैं।
फसल नुकसान की भी मांगी रिपोर्ट
आपदा प्रबंधन विभाग ने कृषि विभाग से बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कृषि विभाग का अनुमान है कि 30 से अधिक जिलों में बाढ़ के कारण फसल को नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने पहले चरण के नुकसान के लिए 229 करोड़ रुपए का बजट भी कृषि विभाग को जारी कर दिया है।
गृह और जान-माल के नुकसान की भी रिपोर्ट हो रही तैयार
बाढ़ के दोनों चरणों के दौरान कितने लोगों के घरों को नुकसान, जान-माल और पशुओं को हुए नुकसान के बारे में भी जिलों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग इस जानकारी को समेकित रूप से प्रस्तुत करेगा।



































