पटना: बिहार ने रविवार को मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य 9 से 14 वर्ष की लगभग एक करोड़ बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करना है। इस मौके पर आइजीआइएमएस में बच्चियों को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका दिया गया।
इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और स्थानीय विधायक संजीव चौरसिया मौजूद थे। इस योजना पर प्रति वर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जो मुख्यमंत्री चिकित्सा राहत कोष से वित्त पोषित किया जाएगा।
98 प्रतिशत तक बचाव करने वाली वैक्सीन
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 21 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई थी। 2011 की जनगणना के अनुसार इस आयु वर्ग की संख्या लगभग एक करोड़ है।
महिलाओं में होने वाले कैंसर में से 17 प्रतिशत बच्चेदानी के मुंह का कैंसर होता है, जिसकी मृत्युदर काफी अधिक है। ऐसे में सरकार ने मुफ्त एचपीवी टीका लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। एचपीवी की दो डोज 98 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान करती है।
पहले चरण में पांच जिलों में शुरुआत
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव संभव है, क्योंकि इसके लिए प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है, जो विशेष रूप से 9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए प्रभावी है। इस योजना का पहला चरण पटना, नालंदा, सिवान, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर जिलों में शुरू किया गया है।
इन जिलों में वैक्सीन की दो खुराक छह महीने के अंतराल पर दी जाएगी। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर पांच सर्वाइकल कैंसर के मरीजों में से एक भारत में होता है, और इसके मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
कैंसर से होने वाली सभी मौतों में से लगभग 17 प्रतिशत इसी बीमारी से होती है। देश में हर वर्ष करीब एक लाख नए सर्वाइकल कैंसर के मामले सामने आते हैं। विधायक डा. संजीव चौरसिया ने कहा कि इस योजना से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और लड़कियों को स्वस्थ भविष्य मिलेगा।



































