रांची/झारखंड: शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरन की सुरक्षा में एक बड़ी चूक हुई। वह एमजीएम मेडिकल कॉलेज में नए अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे, लेकिन जूनियर डॉक्टरों ने उनके काफिले को बीच रास्ते में रोक दिया। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया, और खुफिया विभाग की कमी भी उजागर हुई।
मुख्यमंत्री ने विरोध कर रहे छात्रों को बुलाया और उनकी बातें सुनकर ज्ञापन लिया, जिसके बाद उन्होंने समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद ही छात्रों ने काफिले को जाने दिया। यह सवाल उठता है कि खुफिया विभाग को डॉक्टरों के विरोध की सूचना क्यों नहीं थी।
मुख्यमंत्री के साथ इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री, स्थानीय विधायक और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। छात्रों का कहना है कि उन्हें रहने के लिए उचित माहौल नहीं मिल रहा है और छात्रावास की स्थिति बेहद खराब है।



































