पटना: बिहार की प्रमुख बालू कारोबारी संस्था ब्रॉडसंस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है। ईडी ने ब्रॉडसंस के खिलाफ चल रही जांच के दौरान 45 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के और सबूत जुटाए हैं। इसके बाद, ईडी ने बिहार की आर्थिक अपराध इकाई को इस मामले की जानकारी दी है और कंपनी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई की अनुशंसा की है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की अनुशंसा के आधार पर आर्थिक अपराध इकाई कंपनी के निदेशक मंडल के प्रमुख अशोक कुमार, सुभाष यादव, राधाचरण सेठ, और कन्हैया प्रसाद के साथ-साथ धनबाद के मिथिलेश सिंह, बबन सिंह, जगनारायण सिंह, और सतीश सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सकती है।
बालू के अवैध खनन के खिलाफ दर्ज 75 से अधिक मामले
इन व्यक्तियों के खिलाफ बालू सिंडिकेट के हिस्सेदार होने का आरोप है और औरंगाबाद, गया समेत विभिन्न जिलों में बालू के अवैध खनन के 75 से अधिक मामले दर्ज हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने इन मामलों को आधार बनाकर विभिन्न निदेशकों पर कार्रवाई की है। जांच के दौरान, एजेंसी ने ब्रॉडसंस और आदित्य मल्टीकाम के बीच राजस्व चोरी की मिली-भगत के सबूत भी पाए हैं। इससे पहले भी, ईडी ने 80 करोड़ रुपये के राजस्व चोरी से जुड़े साक्ष्यों को आर्थिक अपराध इकाई को भेजा था, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।
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