पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को भोजपुर जिले के लोगों के लिए हजारों करोड़ रुपए की योजनाओं की घोषणा की। इस अवसर पर सीएम बखोरापुर गांव में एक पंचायत भवन और अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। हालांकि, मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात कमांडो ने स्थानीय सांसद, विधायक, और अन्य जनप्रतिनिधियों को सीएम से मिलने की अनुमति नहीं दी। इसके अलावा, कमांडो ने कई नेताओं को धक्का देकर वहां से हटा दिया, जिससे स्थानीय सांसद, विधायक, एमएलसी और अन्य जनप्रतिनिधियों में गहरा असंतोष फैल गया है।

आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान उन्हें तीन बार कमांडो द्वारा धक्का देकर हटाया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार सीएम से मिलने और गुलदस्ता देने का प्रयास किया, लेकिन कमांडो ने उन्हें वहां से हटा दिया। सुदामा प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम में विधायकों, सांसदों, और एमएलसी को कोई महत्व नहीं दिया गया।

सांसद सुदामा प्रसाद ने सुझाव दिया कि अगर उद्घाटन करना ही था, तो सीएम अपने निवास से बटन दबाकर उद्घाटन कर सकते थे। उन्होंने कहा कि यह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है और मुख्यमंत्री को यहां की समस्याओं को सुनना चाहिए था। नीतीश कुमार के आगमन के बाद यहां स्थिति भगदड़ जैसी हो गई थी। सुदामा प्रसाद ने मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए कहा कि चाहे कितने भी कमांडो या सीआरपीएफ जवान रखें, लेकिन जब आपने निमंत्रण दिया है, तो इस तरह का अपमान उचित नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here