पटना: राज्य में टीबी के मामलों में गिरावट को देखते हुए सरकार ने 2025 तक राज्य को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है. टीबी मुक्त प्रदेश बनाने के लिए विभाग ने माइक्रो प्लान के तहत जिलों को जहां अधिक टीबी नोटिफिकेशन के निर्देश दिए गए हैं वहीं टीबी की जांच पर भी जोर रहेगा।
मुखिया का भी लिया जाएगा सहयोग
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिलों को आदेश दिए गए हैं कि टीबी मामलों की जांच के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करने की जरूरत होगी। इसके अनुरूप जिलों के स्वास्थ्य संस्थान तैयारी करें। यदि किसी गांव-प्रखंड में संभावित टीबी संक्रमित व्यक्ति जांच के लिए सैंपल देने से इंकार करे तो संबंधित पंचायत के मुखिया का सहयोग लेकर आशा कार्यकर्ता के जरिये सैंपल संग्रहित कराएं और उसे जांच के लिए भेजा जाए।
500 से ज्यादा लैब टेक्नीशियन की होगी बहाली
स्वास्थ्य विभाग ने TB नोटिफिकेशन टारगेट को कम से कम 90 प्रतिशत तक करने का आदेश सभी जिलों को दिया है। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा टीबी जांच का दायरा बढ़ाने के लिए विभाग की तैयारी सभी 534 प्रखंड के लिए एक-एक लैब टेक्नीशियन की बहाली की भी है। विभाग के स्तर पर पद सृजन की कार्यवाही चल रही है। पद की उपयोगिता कार्य में आने वाले खर्च का आकलन करने के बाद इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए मंत्रिमंडल के ध्यानार्थ भेजा जाएगा।
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