जम्मू: जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी के लिए दो बाहरी निवासियों के नामों की सूची जारी होने पर राजनीतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों में भारी नाराजगी देखी गई। सभी ने इस अधिसूचना को वापस लेने की मांग की। हाल ही में हस्तशिल्प विभाग में क्लस्टर डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव और टेक्सटाइल डिजाइनर के पद के लिए छह उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिनमें से दो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से हैं।

सोशल मीडिया पर की गई इस अधिसूचना की आलोचना

सोशल मीडिया पर इस अधिसूचना की आलोचना की गई। नेशनल कांफ्रेंस के नेता शेख बशीर ने कहा कि पिछले दस वर्षों में लिए गए तानाशाही निर्णयों की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक सरकार के अंतर्गत सभी नौकरशाही निर्णयों की पुनरावलोकन होनी चाहिए, और यदि बाहरी लोगों को नौकरी दी गई है, तो उन्हें यह निर्णय वापस लेना होगा।

सामाजिक कार्यकर्ता सोहेल काजमी ने कहा

सामाजिक कार्यकर्ता सोहेल काजमी ने कहा कि यह दुखद है कि बाहरी लोगों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर में बढ़ती बेरोजगारी पर ध्यान देना चाहिए और स्थानीय युवाओं की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहमी ने कहा कि 25% बेरोजगारी दर के साथ, स्थानीय युवा अवसरों की कमी का सामना कर रहे हैं। उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि उनकी नौकरियों की सुरक्षा की जाएगी, लेकिन वर्तमान स्थिति में स्थानीय लोगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। पार्टी प्रवक्ता एडवोकेट यासिर खान ने भी इस स्थिति को निराशाजनक बताते हुए कहा कि बाहरी उम्मीदवारों का चयन स्थानीय युवाओं के लिए एक चुनौती है।

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