पटना: पूर्वी चंपारण के सिकरहना नदी में पानी घटने के साथ कटाव की समस्या बढ़ती जा रही है। सुगौली और बंजरिया प्रखंड विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। हाल की तस्वीरों में स्पष्ट है कि सिकरहना नदी कई सड़कों को अपने साथ ले जा रही है, जिससे बंजरिया से रामगढ़वा जाने वाली सड़कों पर कटाव हो रहा है। कई फुट सड़क नदी में समा गई है, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से टूट गया है।

स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि कटाव रोधी कार्य की कोई पहल नहीं की गई, जबकि विभाग को इसकी जानकारी दी गई थी। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सिकरहना का कटाव बढ़ गया है। बंजरिया के चैलाहा से रामगढ़वा प्रखंड के बेला चौक तक जाने वाली सड़क पर कई स्थानों पर कटाव शुरू हो गया है, और अन्य दस स्थानों पर भी कटाव जारी है।

बंजरिया प्रखंड के कई स्थानों जैसे कपरसंडी, मोखलिसपुर, सिसवनिया, और महम्मदपुर में नदी तेजी से कटाव कर रही है। वहीं, नदी के कारण बुढ़वा गांव के पास एक पुल का निर्माण हो रहा है, जिसके डायवर्सन पर पानी का बहाव तेज है। इससे बंजरिया, सुगौली और रामगढ़वा के लोग वैकल्पिक मार्ग के रूप में जटवा-जनेरवा सड़क का उपयोग करते थे, लेकिन इस सड़क पर भी कटाव हो गया है, जिससे संपर्क बाधित हो गया है।

इस स्थिति में, स्थानीय विधायक शमीम अहमद ने मुख्यमंत्री को लिखित रूप में नदी के कटाव के लिए कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण बंजरिया प्रखंड में कई गांव अभी भी बाढ़ के प्रभाव में हैं। यहां हर साल बाढ़ की समस्या आती है, और लोग अधिकारियों और सरकार से निरंतर सहायता की मांग कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि बाढ़ निरोधक कार्य केवल कागजों पर ही हो रहे हैं।

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