पटना: बिहार सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 8) में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए नया निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग ने आरडीडीई, डीईओ और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को आदेश दिया है कि अब से छात्रों के गृह कार्य और कक्षा कार्य का मूल्यांकन लाल पेन से किया जाएगा। इस निर्णय से शिक्षा में सुधार की अपेक्षा की जा रही है।
शिक्षा विभाग ने ‘शिक्षक मार्गदर्शिका’ के तहत सभी शिक्षकों को निर्देशित किया है कि वे गृह कार्य और कक्षा कार्य के मूल्यांकन में लाल पेन का उपयोग करें, जिससे छात्र शिक्षकों द्वारा दिए गए सुधार, टिप्पणियाँ और सुझावों को स्पष्ट रूप से देख सकें। इससे न केवल छात्रों की गलतियाँ उजागर होंगी, बल्कि वे सुझावों पर ध्यान केंद्रित करके अपनी सीखने की प्रक्रिया में सुधार कर सकेंगे।
इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों को अपने कार्य में सुधार के लिए जागरूक करना है, ताकि वे जान सकें कि किस प्रकार की त्रुटियों पर ध्यान देना जरूरी है। यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि के लिए उठाया गया है, जिसमें छात्रों की लेखन क्षमता और गृह कार्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस आदेश से राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस बीच, गृह कार्य में लापरवाही के कारण एक हेडमास्टर निलंबित हो चुके हैं, और कई अन्य शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सरकार के निर्देश पर अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान गृह कार्य के वितरण और उसकी जांच पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है। ज्ञात रहे कि सरकारी स्कूलों में गृह कार्य देने की प्रथा लगभग समाप्त हो गई थी।
अब कक्षा 1 से 8 के सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए लाल पेन का उपयोग कर गृह कार्य और कक्षा कार्य का मूल्यांकन करना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रधानों और संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सभी शिक्षक नियमित रूप से गृह कार्य का मूल्यांकन करें। जिन छात्रों को गृह कार्य और कक्षा कार्य नहीं मिल रहा है, उनके लिए विशेष कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।



































