पटना: बिहार में पुलों के ध्वस्त होने का सिलसिला फिर से शुरू हो चुका है। नदियों का जल स्तर बढ़ने के कारण हर दिन किसी न किसी जिले में पुल और पुलिया गिर रही हैं। हाल ही में भागलपुर में गंगा नदी पर बनी एक पुलिया के गिरने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला किया है।
बिहार की छोटी-बड़ी नदियों का जल स्तर एक बार फिर बढ़ गया है, खासकर पड़ोसी राज्यों में हो रही लगातार बारिश के चलते। इस स्थिति के कारण राज्य में पुलों के गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। विभिन्न जिलों से पुल और पुलिया के ध्वस्त होने की लगातार रिपोर्टें आ रही हैं। इस पर तेजस्वी यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोशल मीडिया एक्स पर तेजस्वी ने लिखा, “बिहार के भागलपुर में एक पुल और ध्वस्त हुआ। नीतीश कुमार जी के शासन में भ्रष्टाचार की जड़े जितनी गहरी है पुल के पिलर उतने ही सतही है इसलिए विगत 2-3 महीनों में ही हजारों करोड़ की लागत से निर्मित एवं निर्माणाधीन सैंकड़ों पुल-पुलिया और मेगा ब्रिज भरभराकर गिर चुके है”।
तेजस्वी ने आगे लिखा, “मजाल है आपने मुख्यमंत्री का इन गिरते पुलों के भ्रष्टाचार पर कभी कोई बयान सुना हो अथवा उन्होंने बड़ी भ्रष्टाचार रूपी व्हेल मछली पर कभी कोई कारवाई की हो? आख़िर करेंगे भी कैसे? उन छोटी मचलती मछलियों को खिला-पिला कर Whale उन्होंने ही बनाया है”।
बता दें, 27 सितंबर, 2024 दिन शुक्रवार को भागलपुर में एक और पुल कर गया। इस पुल गिरने की वजह से पीरपैंती में बाखरपुर, बाबूपुर पंचायत समेत कई गांवों का सम्पर्क टूट गया है। इस पुल का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने दो साल पहले पुल का निर्माण कराया था। लाखों की लागत से बने इस पुल ने जल समाधि ले ली। वहीं, पुलिया गिरने की इस खबर की वजह से ग्रमीणों में हड़कंप मच गया है। यह पुल पांच पंचायतों को पीरपैंती प्रखण्ड मुख्यालय से जोड़ता था। इससे पहले 16 अगस्त, 2024 दिन शनिवार को भागलपुर में सुल्तानगंज-अगुवानी गंगा नदी पर बन रहा निर्माणाधीन फोरलेन पुल तीसरी बार जमींदोज हो गया था। भागलपुर की तरफ से 9 और 10 नंबर के बीच का हिस्सा गंगा नदी में समा गया था। पिलर पर बना स्लैब लोहा समेत गंगा नदी में समा गया था। इस महासेतु का निर्माण एसपी सिंगला कंपनी की तरफ से किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि, पांच पंचायत की आबादी पुल टूट जाने के कारण अब प्रखंड मुख्यालय और बाजार से इसका संपर्क पूरी तरह से खत्म हो चुका है। वहीं पुल टूटने के बाद ग्रामीण तो मौके पर पहुंच गए हैं। लेकिन, जिला प्रशासन के अधिकारी अभी तक इसे देखने तक नहीं पहुंचे हैं। वहीं पुल टूटने के कारण लगभग 1 लाख की आबादी प्रखंड मुख्यालय और बाजार से इसका संपर्क भंग हो चुका है।



































