पटना: बिहार में बढ़ते अपराध और नवादा जिले में दलितों की एक बस्ती को जलाए जाने की घटना के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपने आवास पर एक हाईलेवल बैठक की। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के डीजीपी समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिससे बैठक की प्रासंगिकता पर सवाल उठे हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार ने गृह विभाग की समीक्षा करते हुए अपराध नियंत्रण के लिए कई पुराने निर्देशों को फिर से दोहराया। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को अधिक मुस्तैदी से काम करने, अपराधों की रोकथाम के लिए गश्ती बढ़ाने और पैदल गश्त की निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही, आपराधिक मामलों की जांच में तेजी लाने और दोषियों पर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बड़े पुलिस अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर सवाल

यह बैठक तब चर्चा का विषय बनी जब सामने आया कि इस बैठक में न तो डीजीपी आलोक राज मौजूद थे और न ही पुलिस मुख्यालय से कोई एडीजी स्तर का अधिकारी। मीटिंग में केवल होमगार्ड और फायर ब्रिगेड की डीजी शोभा अहोतकर और होमगार्ड के आईजी सुनील नायक शामिल थे, जिनका कानून-व्यवस्था से कोई सीधा संबंध नहीं है। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन कौन करेगा, जब प्रमुख अधिकारी बैठक से नदारद थे।

गृह विभाग ने पेश की भूमि विवाद पर प्रगति रिपोर्ट

बैठक में बिहार के गृह विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने भूमि विवादों पर नियंत्रण की जानकारी देते हुए बताया कि भू-समाधान पोर्टल के माध्यम से भूमि से जुड़े मामलों का तेजी से समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में होने वाली 60% हत्याएं भूमि विवाद के कारण होती थीं, जो अब घटकर 46.69% रह गई हैं।

महिलाओं के लिए आरक्षण की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक में अपनी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2013 से पुलिस बल में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण लागू किया गया है, जिससे बिहार पुलिस में लगभग 30,000 महिलाएं काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह देशभर में सबसे ज्यादा है और इससे थानों में महिलाओं की शिकायतों का समाधान तेजी से हो रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

उन्होंने पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर जल्द से जल्द रिक्तियों को भरने का निर्देश दिया और पुलिस बल में महिलाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए जाने की बात कही।

भूमि विवाद से जुड़ी हत्याओं में कमी का दावा

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में भूमि विवादों के कारण होने वाले अपराधों में गिरावट आ रही है। उन्होंने लैंड सर्वे और निपटान कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि भूमि विवादों से जुड़े अपराधों में और कमी लाई जा सके।

बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी

इस हाईलेवल बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, डॉ. एस. सिद्धार्थ, सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। हालांकि, पुलिस विभाग के प्रमुख अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने बैठक के प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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