मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है. विधान परिषद के चुनाव प्रदेश में 12 जुलाई को होंगे. तब तक सभी राजनीतिक दल अपने सांसदों के साथ बैठक कर रणनीति बनाने में लगे हुए हैं. वहीं देखा जा रहा है कि सभी राजनीतिक पार्टियां अपने विधायकों को बचाए हुए हैं. विधान परिषद चुनाव में 11 सीटों के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं. उद्धव ठाकरे के ग्रुप ने खास चुनावी प्लान तैयार किया है. शिवसेना यूबीटी ने अपने सभी 16 विधायकों को आईटीसी ग्रैंड सेंट्रल होटल में शिफ्ट किया है. आदित्य ठाकरे भी इन विधायकों के साथ रह सकते हैं. ‘क्रॉस वोटिंग’ की आशंका को देखते हुए विधायकों को होटल में ठहराने का इंतजाम किया गया है.
किस पार्टी के पास इतने विधायक
- बीजेपी- 103
- कांग्रेस- 37
- शिवसेना (UBT)- 15
- शिवसेना (शिंदे)- 38
- एनसीपी (अजित पवार)- 40
- एनसीपी (शरद पवार)- 12
छोटी- छोटी पार्टियों के पास इतने विधायक
- बहुजन विकास आघाड़ी- 3
- समाजवादी पार्टी- 2
- MIM- 2
- प्रहार जनशक्ती पार्टी- 2
- MNS- 1
- पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी ऑफ़ इंडिया- 1
- राष्ट्रीय समाज पक्ष- 1
- कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी)-1
- क्रांतिकारी शेतकरी पार्टी- 1
- जन सुराज्य शक्ति- 1
- निर्दलीय- 13
क्रॉस वोटिंग हुई तो बिगड़ेगा सियासी गणित
विधान परिषद चुनाव में शिवसेना (UBT) की ओर से मिलिंद नार्वेकर को उम्मीदवार बनाए जाने पर गणित बिगड़ा है. जानकारी के लिए बता दें चुनाव में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 23 वोटों की जरूरत है. शिवसेना (UBT) के पास अपने सिर्फ 15 विधायक हैं तो दूसरी तरफ एनसीपी (AP) के दूसरे उम्मीदवार और एनसीपी (SP) समर्थित उम्मीदवार जयंत पाटिल को भी जीत के लिए अन्य पार्टी के विधायकों पर निर्भर रहना होगा. अगर विधान परिषद चुनाव के समय क्रॉस वोटिंग होती है तो इसका सबसे अधिक फायदा उद्धव ठाकरे और एनसीपी (SP) समर्थित उम्मीदवार जयंत पाटिल को होगा.
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