पटना डेस्क: बिहार सरकार राज्य में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के मकसद से आठ जिलों में 19 सीटर विमान सेवा संचालित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। सरकार ने इन जिलों में हवाई सेवा की संभावना तलाशने के लिए पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन (Pre-feasibility study) की अनुमति दे दी है। इसके लिए 3.64 करोड़ रुपये की राशि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को जारी भी कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार सरकार मधुबनी, बीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, भागलपुर, सहरसा, मोतिहारी और छपरा में छोटे विमानों के संचालन की संभावनाओं पर काम कर रही है।
पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन का मकसद
पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन (प्री-फिजिब्लटी स्टडी) के तहत संबंधित जिलों में स्थलों की भौगोलिक स्थिति, रनवे की संभावनाएं, भूमि उपलब्धता, यात्री मांग, सुरक्षा मानक, पर्यावरणीय प्रभाव तथा लागत-लाभ विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जाएगी।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि इन स्थानों पर छोटे विमानों के नियमित संचालन की व्यवहारिकता कितनी है। इसी के आधार पर आगे के कार्यों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होगा।
रोहतास जिलावासियों में नाराजगी
क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने को लेकर रोहतास जिला का नाम शामिल नहीं होने के कारण जिलावासी खासा नाराज हैं। लोगों ने कहा कि रोहतास जिले में व्यापार, धार्मिक स्थल, पर्यटन समेत अनेक अवसर होने के बाद भी उपेक्षित किया जा रहा है। गौरतलब है कि पूर्व में कई बार केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सुअरा हवाई अड्डा का जिर्णोद्धार करने और हवाई सेवा शुरू करने की मांग भी की जा चुकी है। रोहतास के लोगों ने सीएम नीतीश कुमार से अपील की है कि जिले में मौजूद अवसरों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए सरकार को बिना किसी भेदभाव के पहल करने की जरूरत है।



































