पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली के कारण अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा में व्यापक अनियमितताएं हुई हैं और वे इसे रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। इस मामले में छात्रों के बाद अब पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी पटना उच्च न्यायालय का रुख किया है। पप्पू यादव ने हाई कोर्ट में 150 पेज की याचिका दायर की है और छात्रों के पक्ष में कानूनी लड़ाई लड़ने की घोषणा की है।
पप्पू यादव ने दायर की याचिका
पप्पू यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी याचिका में छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमों और उनके साथ हुए लाठीचार्ज की अलग-अलग जांच की मांग की गई है। पप्पू यादव का कहना है कि बीपीएससी की परीक्षा में जो गड़बड़ी हुई, वह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं था, बल्कि यह एक संगठित प्रयास था, जिसमें कोचिंग माफिया भी शामिल था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह आंदोलन को खत्म करने में कोचिंग माफिया का हाथ था और इसे प्रभावी ढंग से दबाने के लिए छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया।
प्रशांत किशोर पर तंज, आंदोलन की समाप्ति पर सवाल उठाया
पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर पर भी तंज कसा और कहा कि उन्होंने आंदोलन को समाप्त कर दिया, जो कि छात्रों के हक में नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि जबकि उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान लोगों की मदद की, फिर भी उन्होंने अस्पताल जाने का विकल्प नहीं चुना, लेकिन अब जब यह मुद्दा आया, तो प्रशांत किशोर को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
मेदांता अस्पताल पर उठाए सवाल, जांच की मांग की
पप्पू यादव ने मेदांता अस्पताल पर भी सवाल उठाए और कहा कि वहां के डॉक्टर जो बुलेटिन जारी कर रहे हैं, वे फर्जी तरीके से जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने मेदांता के मालिक और डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की और कहा कि इस मामले में जांच होनी चाहिए।
बीपीएससी पेपर लीक पर पप्पू यादव का बयान
पप्पू यादव ने बीपीएससी के पेपर लीक मामले को भी उठाया और कहा कि यह समस्या नई नहीं है। उन्होंने कहा कि कई परीक्षाओं के पेपर लीक होते रहे हैं और जब भी ऐसा होता है, तब इन घोटालों का संबंध बड़े राजनीतिक नेताओं से होता है। पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि बीपीएससी का मुद्दा पेपर लीक और भ्रष्टाचार का है, न कि केवल परीक्षा के संचालन का। उनका कहना था कि यह एक गंभीर मामला है और इसे हल करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
31 मार्च को विधानसभा का सत्र, आंदोलन की चेतावनी
पप्पू यादव ने आगामी 31 मार्च को होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर भी चेतावनी दी। उनका कहना था कि वे किसी भी कीमत पर इस सत्र को चलने नहीं देंगे, जब तक पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते। उन्होंने मांग की कि संसद में पेपर लीक पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि कब तक देश में यह समस्या खत्म होगी।
पटना हाई कोर्ट में दायर याचिका और छात्रों के लिए न्याय की मांग
इससे पहले, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में व्यापक अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर, कुछ अभ्यर्थियों ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस याचिका में 13 दिसंबर को आयोजित परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई थी। छात्रों का कहना था कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है, और इसे रद्द कर नए सिरे से आयोजित किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में भी हुआ था इस मामले पर सुनवाई
पिछले दिनों, सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले पर सुनवाई हुई थी, जहां छात्रों ने 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हालांकि इस याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया था और याचिकाकर्ताओं को पहले पटना हाई कोर्ट का रुख करने की सलाह दी थी। CJI संजीव खन्ना और अन्य जजों ने कहा था कि याचिकाकर्ता को पहले हाई कोर्ट जाना चाहिए, फिर अगर वहां से कोई निर्णय नहीं मिलता, तो वे सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
पटना हाई कोर्ट से ही न्याय की उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटना हाई कोर्ट का रुख करने की सलाह के बाद, अब इस मामले में छात्रों और पप्पू यादव ने पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। पप्पू यादव ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है और उनकी आवाज को कानूनी रूप से उठाने का वादा किया है। उनका कहना है कि छात्रों के साथ जो अन्याय हुआ है, उसके खिलाफ उन्हें न्याय दिलाना जरूरी है।
लाठीचार्ज पर भी पप्पू यादव ने सवाल उठाए
याचिका में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में भी कार्रवाई की मांग की गई है। पप्पू यादव ने जिलों के एसपी और डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन हो रहा था, तो पुलिस ने बर्बरतापूर्वक छात्रों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पेपर लीक और गड़बड़ी पर पप्पू यादव का बयान
पप्पू यादव ने पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मुद्दे पर भी अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल एक परीक्षा का नहीं है, बल्कि यह पूरे बिहार की परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। उनका आरोप था कि यह मामला सिर्फ बीपीएससी का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम का है, जिसमें बड़े नेताओं और माफिया का हाथ हो सकता है।
BPSC की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर उठे विवाद ने एक नई मोड़ लिया है। पप्पू यादव द्वारा दायर की गई याचिका और छात्रों के आंदोलन को लेकर उठे सवाल, यह साबित करते हैं कि इस मामले में न्याय की बहुत आवश्यकता है। पप्पू यादव और अन्य नेताओं का मानना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि बिहार के परीक्षा और भ्रष्टाचार सिस्टम के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन है। अब यह देखना होगा कि पटना हाई कोर्ट इस मामले पर क्या निर्णय लेता है और क्या छात्रों को न्याय मिलेगा या नहीं।
ALSO READ
































