पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 23 दिसंबर से अपनी ‘प्रगति यात्रा’ पर निकले हैं। इस यात्रा का पहला चरण 28 दिसंबर तक चलेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री दूसरे चरण में बिहार के छह जिलों का दौरा करेंगे। दूसरे चरण की तारीखें घोषित हो गई हैं। 4 जनवरी को गोपालगंज, 7 जनवरी को सीवान, 8 जनवरी को छपरा, 11 जनवरी को दरभंगा, 12 जनवरी को मधुबनी और 13 जनवरी को समस्तीपुर का दौरा किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, और राजस्व विभाग समेत अन्य विभागों के सचिव भी मौजूद रहेंगे।
‘प्रगति यात्रा’ की शुरुआत पश्चिम चंपारण से
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-2 प्रखंड की सतपुर सहरिया पंचायत के थारू टोला घोटवा से की। इस मौके पर उन्होंने ग्रामीण इलाकों का दौरा किया, जनता से संवाद किया और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। पहले दिन उनके साथ मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे।
विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने इस यात्रा के दौरान कई विकास योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और उनकी प्रगति का निरीक्षण किया। थारू समुदाय के बीच पहुंचकर उन्होंने उनके जीवन स्तर में सुधार लाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने पर जोर दिया। यह यात्रा न केवल सरकारी योजनाओं की समीक्षा का माध्यम बनी, बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास को मजबूत करने की पहल भी रही।
पहले चरण का कार्यक्रम
पहले चरण में मुख्यमंत्री 23 दिसंबर को बेतिया के घोटवा पहुंचे। उसी रात वे वाल्मीकि नगर में ठहरे। 24 दिसंबर को पूर्वी चंपारण के मोतिहारी जाएंगे और शाम में पटना लौट आएंगे। 25 दिसंबर को यात्रा नहीं होगी। 26 दिसंबर को शिवहर और सीतामढ़ी जिलों का दौरा करेंगे। 27 दिसंबर को मुजफ्फरपुर और 28 दिसंबर को वैशाली जिले का दौरा होगा। पहले चरण की यह यात्रा कुल पांच दिनों तक चलेगी।

































