पटना: बिहार में लगातार टूट रहे पुलों पर खूब राजनीति हो रही है. बिहार में आरडीडीई इस मुद्दे को उठा रहे हैं और केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांग रहे हैं. बिहार में एक सप्ताह के अंदर तीसरी बार पुल गिरने के बाद पूर्व डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की आलोचना की है. दरअसल, जब बिहार में महागठबंधन की सरकार थी, तब भागलपुर के अगुवानी घाट पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा नदी में डूब गया था. इस घटना पर बीजेपी ने जमकर हंगामा किया और इसका आरोप तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री तेजस्वी यादव पर लगाया.
अब बिहार में सरकार बदल गई है और आरजेडी विपक्षी दल की भूमिका में आ गई है. उस समय विपक्षी दल के रूप में हंगामा मचाने वाली भाजपा अब सत्ता में है और एक के बाद एक तीन पुल ढहने के बाद भी सरकार चुप है। एक हफ्ते में तीन पुल गिरे, लेकिन आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव ने सरकार पर इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया.
तेजस्वी ने एक्स पर लिखा
तेजस्वी ने एक्स पर लिखा है, ‘पुल गिरे, भ्रष्टाचार के गुल खिले। 18 वर्षों के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बेचारे दो-दो उपमुख्यमंत्री तो इन सबके बारे में जानते ही नहीं हैं। जानकर कर भी क्या लेंगे? ज्यादा से ज्यादा क्या होगा? डबल इंजनधारी लोग कह देंगे कि पुल ख़ुदक़ुशी कर रहा है या चूहे पुल को कुतर रहे है’।
उन्होंने आगे लिखा, ‘प्रधानमंत्री जी कहेंगे, “भाइयों-बहनों, चुपचाप पुल गिरते हुए देखो, नहीं तो कथित जंगलराज आ जाएगा। पुल गिरना 𝐀𝐜𝐭 𝐨𝐟 𝐆𝐨𝐝 है। ये मोदी की गारंटी से भी बड़ी गारंटी वाले पुल थे लेकिन ईश्वर की मर्जी के आगे कंक्रीट के पुल की क्या मजाल? मित्रों, बोलो- जय श्री राम’!
तेजस्वी ने सीएम नीतीश पर तंज करते हुए आगे लिखा है, ‘मुख्यमंत्री कहेंगे कि “पहले पुल गिरता था जी? अब हम लोग एक साथ आ गए है तो पुल गिर रहे हैं। जान लीजिए, एक-एक पुल गिर रहा है। गिर रहा है तो गिर रहा है। ऊ लोग इ किया है जी? ऊ लोग नदी और पानी के साथ मिल के ई सब गड़बड़ करता रहता है। हम सब जाँच कराएंगे’।
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