पटना: केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है। मुसलमानों से जुड़े ललन सिंह के बयान पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखा प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ललन सिंह की कोई विश्वसनीयता नहीं है, वे जहां होते हैं, वहां की तरह बातें करते हैं। तेजस्वी ने कहा कि जब वे एक पार्टी में होते हैं तो उस पार्टी के हिसाब से बयान देते हैं और जब दूसरी पार्टी में होते हैं तो वहां की बातें करते हैं।
तेजस्वी का ललन सिंह को जवाब
तेजस्वी यादव ने जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के उस बयान का विरोध किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अल्पसंख्यक समाज नीतीश कुमार को वोट नहीं देता है। इस बयान पर तेजस्वी ने कहा, “ललन सिंह की बातों पर ध्यान न दें। जब हमारे साथ थे, तो नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बारे में क्या बोलते थे, यह सभी को पता है। वे इधर हैं तो इधर की बातें करेंगे और उधर होते तो उधर की। उनकी अपनी कोई विश्वसनीयता नहीं है।”
वक्फ बोर्ड बिल पर तेजस्वी का बयान
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि जेडीयू अब तीसरे नंबर की पार्टी बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि ललन सिंह नरेंद्र मोदी को खुश करने के लिए बयान दे रहे हैं। नीतीश कुमार को अपने रुख को स्पष्ट करना चाहिए, खासकर वक्फ बोर्ड बिल पर उनकी स्थिति को लेकर।
‘देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश में है बीजेपी’
नेता प्रतिपक्ष ने उत्तर प्रदेश की घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर करते हुए सरकार पर हमला बोला। तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। यूपी में पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है और उसे क्रिमिनल बना दिया गया है। उन्होंने कहा, “सच सबके सामने है।”
यूपी की घटना पर तेजस्वी ने जताई चिंता
तेजस्वी ने आगे कहा कि देश में अब विकास के मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही है। बीजेपी के लोग सिर्फ माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी में जिस तरह से पुलिस का दुरुपयोग हो रहा है, वह खतरनाक है। सरकार को पुलिस के जरिए माहौल को शांत करने का काम करना चाहिए, न कि उसे क्रिमिनल्स के रूप में बदलने का।
ललन सिंह का बयान
ललन सिंह ने मुजफ्फरपुर के लंगट सिंह कॉलेज में आयोजित जेडीयू कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा था कि बिहार में अल्पसंख्यकों की स्थिति में सुधार हुआ है। नीतीश कुमार ने सत्ता में आते ही उनके लिए कई योजनाएं शुरू की। मदरसा शिक्षकों की सैलरी में वृद्धि की गई, लेकिन इसके बावजूद अल्पसंख्यक समाज से उन्हें वोट नहीं मिलता।


































