नई दिल्ली: भारत ने महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जापान को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जहां उसका सामना बुधवार को चीन से हो रहा है। पहले तीन क्वार्टर गोलरहित रहने के बाद भारत ने आखिरी क्वार्टर में शानदार प्रदर्शन किया। नवनीत कौर ने 48वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक से भारत का खाता खोला, जबकि 56वें मिनट में लालरेम्सियामी ने सुनेलिता टोप्पो के पास पर दूसरा गोल किया। दूसरे सेमीफाइनल में चीन ने मलेशिया को 3-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

पहले तीन क्वार्टर तक गोल का इंतजार

भारत ने जापान को पहले तीन क्वार्टर में गोल के बिना परेशान किया। इस दौरान भारतीय टीम को कुल 16 पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन किसी पर भी गोल नहीं हो सका, जिससे कोच हरेंद्र सिंह की चिंता बढ़ गई थी। चौथे क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में दीपिका को जापानी डिफेंडर द्वारा फाउल करने पर भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे नवनीत कौर ने आसानी से गोल में बदल दिया। इसके बाद पांच मिनट पहले, लालरेम्सियामी ने शानदार पास पर गोल करके मैच को निर्णायक बना दिया।

जापान का एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर

जापान को मैच के अंतिम मिनटों में एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर 59वें मिनट में मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने उसे बचा लिया। भारतीय टीम के पास पहले दो क्वार्टर में कई मौके थे, जहां उन्हें 9 पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन गोल नहीं हो पाया। गेंद पर कब्जे में भारत आगे था, लेकिन फिनिशिंग में कमी दिखी।

भारतीय टीम का आक्रामक खेल

भारत ने पहले दो क्वार्टर में कई अवसर बनाये। कप्तान सलीमा टेटे को दसवें मिनट में अच्छा मौका मिला, लेकिन वह गेंद को नियंत्रित नहीं कर सकी। भारत को 18वें और 19वें मिनट में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन जापान की गोलकीपर यू कूडो ने बेहतरीन बचाव किया। दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदला और भारतीय टीम को कई बार गोल से चूका दिया।

ब्रेक के बाद आक्रामक रणनीति

हाफटाइम के बाद, भारत ने आक्रामक शुरुआत की और लगातार पेनल्टी कॉर्नर बनाए। हालांकि, नवनीत कौर के शॉट्स कमजोर रहे। टीम ने प्रयास जारी रखे, लेकिन गोल की कमी बनी रही, जिससे कोच की चिंता और बढ़ गई।

मैच का स्थान और उद्घाटन

यह मैच बिहार खेल परिसर स्टेडियम में हुआ, जहां दर्शकों की भारी संख्या मौजूद थी। इस आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था, जिन्होंने स्थानीय खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

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