पटना: NEET UG 2024 पेपर लीक मामले में एक अहम खुलासा हुआ है। मामले के सिलसिले में पटना में गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थी अनुराग यादव ने स्वीकार किया कि उसे परीक्षा से पहले पेपर प्राप्त हुए थे। इसके साथ ही उसने अपने बयान में यह भी कहा कि उसे रात भर क्वेश्चन के आंसर रटवाए गए थे। इतना ही नहीं एग्जाम सेंटर में जाने के बाद उसे यही क्वेश्चन पेपर मिले थे। अपने बयान में अनुराग ने कहा कि मेरे फूफा यानी सिकंदर यादवेंद्र ने कोटा से यह कह कर बुलाया था की परीक्षा के लिए सेटिंग हो गई है। मेरा परीक्षा केंद्र पटना के डिबाई पाटील स्कूल था। परीक्षा के एक दिन पहले रात्रि में अनित आनंद एवं नीतिश कुमार के पास मुझे छोड़ गए।
जहां पर NEET के परीक्षा का प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका दिया गया एवं रात्रि में पढ़वाया एवं रटवाया गया। उसके बाद मैं स्कूल में परीक्षा देने गया तो जो प्रश्न पत्र रटवाया गया था वही प्रश्न सही सही परीक्षा में मिल गया। परीक्षा के उपरांत अचानक पुलिस आई तथा मुझे पकड़ लिया। बताया जाता है कि अनुराग यादव पटना के सरकारी गेस्ट हाउस में एक मंत्री की पैरवी से ठहरा था। ठहरने की सारी व्यवस्था सिकंदर यादवेंद्र ने की थी। वहीं पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड सिकंदर को भी गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के लिए बता दें, इस मामले में अब तक 13 से ज्यादा प्रतिवादियों को गिरफ्तार किया गया है। नीट यूजी परीक्षा में पांच अभ्यर्थी भी शामिल हैं। इस मामले में यूपी, बिहार और महाराष्ट्र के नौ अभ्यर्थियों को 18 और 19 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया था.
also read


































