नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री बनने के बाद बीजेपी के खिलाफ सक्रिय हुए चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश में होने वाले 9 विधानसभा उप चुनावों में उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है। उनकी पार्टी ने कहा है कि वह उन दो सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करेगी, जो पहले से बीजेपी की सीट थी। दिलचस्प ये है कि चिराग ने पिछले विधानसभा चुनाव में भी उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उनकी पार्टी को केवल 0.01 प्रतिशत वोट ही मिले थे।
भाजपा की सीटिंग सीट पर उम्मीदवार खड़ा करने का ऐलान
केंद्रीय मंत्री बनने के बाद चिराग पासवान ने चार महीने में चार बार केंद्र सरकार और बीजेपी के स्टैंड से अलग राय दी है। अब उनकी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश की दो सीटों पर उपचुनाव लड़ने का फैसला किया है। ये दोनों सीटें बीजेपी के विधायकों की हैं, जो अब सांसद बन चुके हैं, और उनके इस्तीफे के कारण उप चुनाव हो रहा है।
बीजेपी ने जिन 9 सीटों पर उपचुनाव लड़ने का ऐलान किया है, उनमें ये दोनों सीटें भी शामिल हैं। चिराग की लोजपा-आर, जो एनडीए का हिस्सा है, अब बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी। लोजपा (रामविलास) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान ने कहा है कि पार्टी फूलपुर और मझवां विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार देगी।
चिराग की लोजपा-आर का उत्तर प्रदेश में कोई मजबूत आधार नहीं है। 2022 के विधानसभा चुनाव में, चिराग की पार्टी ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सभी पर जमानत गंवा दी और केवल 0.01 प्रतिशत वोट प्राप्त किया। इसके बावजूद, उन्होंने उप चुनाव में उम्मीदवार खड़ा करने का निर्णय लिया है।
झारखंड में बीजेपी से टकराव
इस बीच, चिराग पासवान झारखंड विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के खिलाफ हैं। उनकी पार्टी ने वहां 11 सीटों पर दावा किया है। चर्चा है कि बीजेपी ने चिराग को एक सीट ऑफर की है, लेकिन वे तीन सीटें मांग रहे हैं। हाल ही में चिराग पासवान और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की मुलाकात हुई, जहां चिराग को एक सीट पर तैयार किया जा सकता है।
































