पटना: दशहरा से पहले, नीतीश सरकार ने शिक्षकों को एक महत्वपूर्ण सौगात दी है। शिक्षकों की लंबे समय से प्रतीक्षित ट्रांसफर नीति अब लागू की गई है, जिससे वे अपने इच्छित स्थान पर स्थानांतरित हो सकेंगे। शिक्षा विभाग ने इस नीति की घोषणा की है और अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि शिक्षकों की नई पदस्थापना दिसंबर में की जाएगी।
बिहार में बड़ी संख्या में शिक्षकों की बहाली हुई थी, लेकिन कई को दूर-दराज के क्षेत्रों में भेजा गया था, जिससे शिक्षक संघों ने विरोध जताया। इसके परिणामस्वरूप, कई शिक्षकों ने नौकरी छोड़ दी। इस दबाव को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने एक नई ट्रांसफर नीति बनाने का निर्णय लिया और इसके लिए एक समिति का गठन किया।
शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समिति ने अपनी सिफारिशें सरकार को भेजीं, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया। अब शिक्षकों को कुल दस विकल्प दिए जाएंगे, जिससे वे अपने ही जिले में काम कर सकेंगे। नई नीति में पुराने शिक्षकों, बीपीएससी से चयनित शिक्षकों और सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक मुद्दों के मामले में प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही सिंगल महिलाओं और विधवाओं को भी तरजीह मिलेगी।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य शिक्षकों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करना है। शिक्षकों को आवेदन के लिए उचित समय दिया जाएगा और जिला स्तर पर भी समितियों का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, पति-पत्नी की नियुक्तियों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि सक्षमता परीक्षा-2 का परिणाम जल्द घोषित किया जाएगा और ट्रे-3 परीक्षा का कार्यक्रम भी तैयार कर लिया गया है। बिहार लोक सेवा आयोग का परिणाम भी शीघ्र आने की संभावना है।



































