रांची/झारखंड: झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने अपने गठबंधन की रूपरेखा तय कर ली है। बीजेपी अब सुदेश महतो की आजसू पार्टी और जेडीयू के साथ मिलकर चुनाव लड़ने जा रही है। दोनों दलों के लिए सीटों का बंटवारा भी तय कर लिया गया है। खास बात यह है कि बीजेपी ने चिराग पासवान का कोई ध्यान नहीं दिया है, जबकि वे कम से कम एक सीट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
जेडीयू को दो सीटें
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, जेडीयू को दो सीटें देने पर सहमति बन गई है। जेडीयू ने हाल ही में निर्दलीय विधायक सरयू राय को अपनी पार्टी में शामिल किया है, और बीजेपी ने उनके लिए एक सीट छोड़ने को राजी हो गई है। सरयू राय ने पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को हराया था, और उनके लिए सीट छोड़ने में बीजेपी की कुछ दुविधा थी।
तमाड़ सीट पर जेडीयू का उम्मीदवार
बीजेपी ने जेडीयू के लिए तमाड़ सीट भी छोड़ने पर सहमति जताई है। जेडीयू ने इस सीट के लिए राजा पीटर को पार्टी में शामिल किया है, जो पहले भी जेडीयू के उम्मीदवार रह चुके हैं।
चिराग पासवान की स्थिति
इस बीच, चिराग पासवान के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग ने पिछले दो महीनों से झारखंड में चुनाव लड़ने का दावा किया था और बीजेपी से समझौते की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि, बीजेपी ने उनके लिए कोई सहारा नहीं दिया।
जीजा के साथ चिराग का अभियान
चिराग पासवान अपने जीजा और जमुई के सांसद अरुण भारती को झारखंड का प्रभारी बनाकर चुनाव प्रचार में जुटे हैं। उन्होंने हाल ही में धनबाद में एक रैली की और घोषणा की कि उनकी पार्टी हर हाल में चुनाव लड़ेगी, चाहे बीजेपी से समझौता हो या नहीं। एलजेपी के नेता ने बताया कि अरुण भारती झारखंड में उम्मीदवारों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं।


































