पटना: बिहार में बालू माफियाओं की आर्थिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए व्यापक कार्रवाई की जा रही है। बिहार पुलिस खान एवं भू-तत्व विभाग के सहयोग से अवैध बालू और गिट्टी के कारोबार को रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही, प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) भी इन माफियाओं के खिलाफ सक्रियता बढ़ा रही है।
अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले इन माफियाओं के खिलाफ अब जिलाबदर या तड़ी पार करने की योजना बनाई जा रही है। ईओयू ने पिछले कुछ वर्षों में अवैध बालू खनन के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की है और कई खान व भू-तत्व विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
बालू माफियाओं की सूचीबद्धता
ईओयू ने राज्य के 12 जिलों में 50 से अधिक बालू माफियाओं को सूचीबद्ध किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई इन पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। संबंधित जिलों से प्रस्ताव मांगे गए हैं ताकि इन्हें जिलाबदर किया जा सके।
शामिल जिलों की जानकारी
जिन जिलों में बालू माफियाओं के नाम शामिल हैं, उनमें भोजपुर, औरंगाबाद (प्रत्येक में 9), पटना (13), रोहतास और सारण (प्रत्येक में 8), बांका और गया (प्रत्येक में 3-4) शामिल हैं। सभी पर अवैध खनन और टैक्स चोरी के आरोप हैं। प्रस्ताव प्राप्त होते ही इनकी जिलाबदर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हाल की कार्रवाई
हाल ही में ईडी ने आदित्य मल्टीकाम और ब्राडसंस के 10 पूर्व निदेशकों पर कार्रवाई की है, जिससे सरकार को करीब 500 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। पिछले एक सप्ताह में बालू सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों पुंज सिंह और अजय सिंह पर भी ईडी ने शिकंजा कसा है। इसके अलावा, राधा चरण सेठ, जगनारायण सिंह, अशोक कुमार, सतीश सिंह सहित अन्य पर भी पहले कार्रवाई की जा चुकी है।
ALSO READ



































