पटना: यूपीएससी की तैयारी कराने के लिए एक युवक ने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर 5वीं कक्षा का छात्र का अपहरण कर लिया। बच्चे का अपहरण करने के बाद उसने परिवार से दस लाख रुपये की उगाही शुरू कर दी. हालांकि, परिवार की शिकायत के बाद बिहार की गोपालगंज पुलिस ने 48 घंटे के अंदर अपहृत बच्चे को उत्तर प्रदेश से बरामद कर लिया.
वही अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया. अपहरणकर्ता की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के नामा गांव निवासी नथुनी सिंह के पुत्र अमित कुमार सिंह और विशाल कुमार सिंह के रूप में की गई है. दोनों सगे भाई हैं। अमित के भाई विशाल ने पुलिस की गिरफ्तारी के डर से वाराणसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली.
अपहृत बच्चा बिहार के गोपालगंज जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र के मजीरवा कला गांव का रहने वाला है. इसे पुलिस ने यूपी से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे को उसकी मां को सौंप दिया गया. वही अपहर्ताओं को यूपी पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया और फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है.
इस बीच, उसके भाई विशाल ने गिरफ्तारी के डर से ट्रेन से कूदकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि फुलवरिया थाने के मजिरवां कला गांव निवासी रामानंद सिंह के 8 वर्षीय बेटे अनीश कुमार को 26 सितंबर 2024 को एक अज्ञात हमलावर ने साइकिल से अपहरण कर लिया था। अपहरण के बाद उन्होंने बच्चे के परिवार को फोन किया। और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी. अपहृत अनीशा जीवन की मां ज्योति देवी ने बेटे के अपहरण के बाद फिरौती मांगे जाने की सूचना फुलवरिया थाने में दी.
पीड़िता की शिकायत के आधार पर फुलवरिया थाने में मामला दर्ज किया गया है. मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू हुई. अपहरण मामले की तुरंत जांच के लिए खटुआ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एक जांच दल का गठन किया गया था। घटना में फुलवरिया थाने के पुलिसकर्मी और डीआईयू की टीम शामिल थी. गठित टीम की त्वरित कार्रवाई के फलस्वरूप तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश की एसओजी टीम की मदद से 48 घंटे के अन्दर अपहृत बालक अनीश कुमार को देवरिया जिले के मथौला चौक से सकुशल बरामद कर लिया गया। एवं बच्चे की निशानदेही पर लाढ़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर अमित सिंह को इस कांड में संलिप्त एक अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया की पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी करने के लिए अपने भाई के साथ मिलकर उसने यह प्लानिंग की थी। यूपीएससी के तैयारी के लिए पैसे की जरूरत थी। जिसे लेकर बच्चे का अपहरण किया और फिरौती की मांग की। इसमें सबसे ज्यादा स्पोर्ट यूपी के देवरिया जिले के एसओजी के टीम और सिवान के डीआईयू के टीम का मिला है। वही इस संदर्भ में बरामद बच्चे ने बताया की वह स्कूल से आकर अपने घर के पास खेल रहा था तभी बाइक सवार एक आदमी आया और वह भींगा हुआ था जिसे ठंड लग रही थी। मां से कपड़ा मांगा तब मां कपड़ा लाने चली गई। इसी बीच में वह जबरन मुझे बाइक पर बिठाकर ले जाने लगा जिसके बाद मुझे कुछ भी पता नहीं चला। जब मुझे जब होश आया तो मैं एक घर में बंद था।



































