पटना: बिहार में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, और मरीजों की संख्या अब 1,057 हो गई है। इस बीच, 6 लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है, जिनमें से 3 पटना के निवासी हैं। कई जिलों में लोग इस बीमारी से खासे परेशान हैं, और पटना में सबसे ज्यादा केस 21 सितंबर को दर्ज किए गए, जब 78 नए मरीज सामने आए। कंकड़बाग में 22, अजीमाबाद में 13, पाटलिपुत्र में 12, एनसीसी में 11, बांकीपुर में 3 और पटना सिटी में 1 मरीज मिले। इसके अलावा, संपतचक में 4, पटना सदर में 3, और बख्तियारपुर में 2 मरीज पाए गए।
धनरुआ, फतुहा, खुसरूपुर और पालीगंज में भी एक-एक पीड़ित सामने आया है। पटना के डीएम, डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने पटना नगर निगम और सिविल सर्जन कार्यालय को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया, जिसमें फॉगिंग और दवा का छिड़काव शामिल है।
डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू संक्रमण के लक्षण आमतौर पर 4 से 6 दिन बाद शुरू होते हैं और 10 दिनों तक बने रहते हैं। लक्षणों में तेज बुखार (105 डिग्री), गंभीर सिरदर्द, आँखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, और त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल हैं, जो बुखार आने के 2 से 5 दिन बाद दिखाई देते हैं। हल्का रक्तस्राव (जैसे नाक या मसूड़ों से खून आना) भी हो सकता है।
छोटे बच्चों और जिन्हें पहले संक्रमण नहीं हुआ है, उनमें लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं, लेकिन वे गंभीर समस्याओं का सामना कर सकते हैं। इनमें डेंगू रक्तस्रावी बुखार, यकृत का बढ़ना, और रक्त वाहिकाओं का नुकसान शामिल है। गंभीर डेंगू तब होता है जब रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और रक्त प्रवाह में थक्का बनाने वाली कोशिकाओं (प्लेटलेट्स) की संख्या कम हो जाती है।
डेंगू बुखार की रोकथाम
डेंगू बुखार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका संक्रमित मच्छरों के काटने से बचना है। इसके लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, और बाहर जाते समय लंबी बाजू की शर्ट और पैंट पहनें। यदि डेंगू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यदि घर में किसी सदस्य को डेंगू हो गया है, तो मच्छरों से खुद को और परिवार को बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि संक्रमित व्यक्ति से काटने वाले मच्छर दूसरों में संक्रमण फैला सकते हैं।


































