पटना: नवादा में बुधवार को मांझी बस्ती में दबंगों द्वारा आग लगाने की घटना ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि सत्ताधारी पार्टी विपक्ष पर साजिश करने का आरोप लगा रही है। इस बीच, पुलिस ने मामले में सक्रियता दिखाई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कदम उठाए हैं।
पुलिस ने इस घटना में 28 लोगों के खिलाफ मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया है। मुख्य आरोपी नंदू पासवान सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। एसडीपीओ के नेतृत्व में बनाई गई एसआईटी की टीम रातभर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से तीन देसी कट्टा, तीन मिस्ड फायर राउंज, दो खोखा, एक पिलेट और छह बाइक समेत अन्य सामान बरामद किया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी नंदू पासवान एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी हैं, जो 2014 में सेवा से रिटायर हुए थे। उनके बेटे नागेश्वर पासवान कृष्णा नगर के वार्ड 16 का वार्ड सदस्य है, जबकि बहू सरिता भारती आंगनबाड़ी सेविका हैं।
नंदू पासवान की बहू ने बताया कि जिस जगह आगजनी हुई, वहां उनके ससुर की 4 डिसमिल रैयती जमीन है, और इसी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पीड़ित व्यास मुनी ने कहा कि इस जमीन पर व्यवहार न्यायालय में डाइटल सूट चल रहा है। वर्तमान में पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर मौजूद है और जांच जारी है।



































