पटना: बिहार में 20 अगस्त से भूमि सर्वेक्षण का कार्य शुरू हुआ है, लेकिन अब इसका विरोध उठने लगा है। अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा ने इस सर्वे को रोकने की मांग की है। सासाराम के अंचल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

किसान सभा ने सरकार से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द भूमि सर्वेक्षण का कार्य बंद किया जाए, क्योंकि लोग इस प्रक्रिया से परेशान हैं। उनके अनुसार, कई समस्याएं सामने आ रही हैं, और सर्वे के बहाने कुछ सरकारी अधिकारी भू-माफियाओं के साथ मिलकर सरकारी जमीनों का विवादित खतियान बनाने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा, विवादित जमीनों के लिए रिश्वत लेकर कागजात बनाने की बातें भी सामने आई हैं। लोग बिना पैसे दिए कोई काम नहीं करवा पा रहे हैं।

किसान सभा का कहना है कि बिहार से बाहर मजदूरी करने गए गरीब किसानों की जमीनों पर अधिकारियों के सहयोग से कब्जा किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर कई वामपंथी दलों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया और सर्वे कार्य को तुरंत बंद करने की मांग की। किसान सभा के प्रांतीय सचिव अशोक बैठा ने बताया कि अनपढ़ और गरीब किसानों के कागजातों के नाम पर हेराफेरी की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ऑनलाइन प्रक्रिया में कई गलतियां हुई हैं, जिससे गांव में तनाव बढ़ गया है। सरकार को पहले अपने कागजातों को ठीक करना चाहिए और फिर आम जनता के बीच सर्वे के लिए जाना चाहिए। साथ ही, गांव में कैथी लिपी पढ़ने वाला कोई कर्मचारी नहीं है, जिससे किसानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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