पटना: बिहार की राजनीति में हाल के दिनों में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जिसमें प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता यात्रा पर निकल रहे हैं। राजद की ओर से विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव इस यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ जदयू के नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी यात्रा की योजना बना रहे हैं। भाजपा की ओर से पहले से ही पार्टी के प्रमुख तीन नेता विभिन्न जगहों पर दौरा कर रहे हैं। अब एनडीए के सहयोगी और हाल ही में राज्यसभा सदस्य बने उपेंद्र कुशवाहा ने भी अपनी यात्रा की तारीखें घोषित कर दी हैं।
उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि उनकी “बिहार यात्रा” की शुरुआत 25 सितंबर को अमर शहीद जागदेव बाबू की धरती कुर्था से होगी। कुशवाहा का कहना है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आगामी 2025 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एनडीए के सभी सहयोगी दलों के स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच सहयोग और समन्वय बढ़ाना है। इसके अलावा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा की सदस्यता अभियान की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक और गरीबों, शोषितों, वंचितों, दलितों, महादलितों, आदिवासियों, अतिपिछड़ों, पिछड़ों और महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए कॉलेजियम सिस्टम की समाप्ति के लिए चलाए जा रहे “हल्ला बोल दरवाज़ा खोल” अभियान पर आम लोगों में जागरूकता फैलाना भी इस यात्रा का हिस्सा होगा।
कुशवाहा की यात्रा 25 सितंबर को अरवल और औरंगाबाद से शुरू होगी, 26 सितंबर को औरंगाबाद और रोहतास में यात्रा की जाएगी, 27 सितंबर को रोहतास-भोजपुर और 29 सितंबर को सारण में कार्यक्रम होगा। यह यात्रा का पहला चरण है; अगले चरण की जानकारी बाद में दी जाएगी। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एनडीए की मजबूती के लिए वे लगातार काम कर रहे हैं। विपक्ष सीट बंटवारे को लेकर सवाल उठाता है, लेकिन इसमें कोई समस्या नहीं है और सभी मिलकर इस पर निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी चुनाव में एनडीए की जीत निश्चित है।
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