सिपाही भर्ती पेपर लीक में पूर्व DGP सिंघल की भूमिका
सिपाही भर्ती पेपर लीक में पूर्व DGP सिंघल की भूमिका

पटना: सिपाही बहाली पेपर लीक प्रकरण में पूर्व पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विभाग उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की योजना बना रहा है, और उनकी पेंशन पर भी खतरा मंडराता दिखाई दे रहा है। पेपर लीक मामले में उनकी भूमिका उजागर होने के बाद, आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने गृह विभाग को पूर्व डीजीपी पर कार्रवाई की सिफारिश भेजी है। इस रिपोर्ट का गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय स्तर पर अध्ययन शुरू हो चुका है। सरकारी नियमों के अनुसार, यदि किसी सेवानिवृत्त अधिकारी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होते हैं और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की जाती है, तो उनकी पेंशन को रोकने या कम करने की संभावना होती है।

पेंशन रोकने के लिए आवश्यक प्रक्रिया

यदि संबंधित अधिकारी को सेवानिवृत्ति लाभ नहीं दिया गया है, तो उसे भी रोकने का प्रावधान है। हालांकि, भारतीय सेवा के अधिकारी होने के कारण, ऐसी कार्रवाई से पहले गृह मंत्रालय और केंद्रीय लोक सेवा आयोग की अनुमति प्राप्त करनी होगी। उल्लेखनीय है कि सिपाही पेपर लीक प्रकरण में सिंघल की संलिप्तता के बाद उन्हें केंद्रीय चयन परिषद से हटा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने एक पावर होल्डिंग कंपनी में सुरक्षा सलाहकार के पद पर संविदा पर नियुक्ति स्वीकार की। उनकी इस नियुक्ति को 15 सितंबर को छह महीने पूरे हो जाएंगे।

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