नई दिल्लीःबीजेपी ने बुधवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें 67 नामों की घोषणा की गई है। इसके साथ ही 9 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया गया है, इनमें से एक कैबिनेट मंत्री भी शामिल हैं, जिनका टिकट रद्द कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप उस मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है।
बीजेपी द्वारा टिकट वितरण के बाद कुछ नेताओं की नाराजगी सामने आई है। कैबिनेट मंत्री चौधरी रणजीत सिंह चौटाला ने रानिया विधानसभा से टिकट न मिलने पर अपना मंत्री पद छोड़ दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे रानिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें बीजेपी की ओर से डबवाली से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला हो, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
चौटाला ने यह भी कहा कि वे अपने समर्थकों के साथ रोड शो कर अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। वे किसी अन्य पार्टी से या स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव में शामिल होंगे, यह भी उन्होंने कहा है। बुधवार (4 सितंबर) को टिकट बंटवारे के बाद बीजेपी के पांच प्रमुख नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है।
बीजेपी की पहली सूची में पलवल से दीपक मंगला, फरीदाबाद से नरेंद्र गुप्ता, गुरुग्राम से सुधीर सिंगला, बवानी खेड़ा से विशंभर वाल्मीकि, रानिया से कैबिनेट मंत्री रणजीत चौटाला, अटेली से सीताराम यादव, पेहवा से पूर्व मंत्री संदीप सिंह, सोहना से राज्य मंत्री संजय सिंह, और रतिया से लक्ष्मण नापा के टिकट काट दिए गए हैं।
हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान होगा, जो 5 अक्टूबर को होगा। चुनाव परिणाम 8 अक्टूबर को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2024 को समाप्त होगा। पिछला विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 में हुआ था।
































