रांची/झारखंड: झारखंड के पूर्व सीएम चंपई सोरेन 30 अगस्त को बीजेपी में शामिल होंगे. चंपई सुरेन ने सोमवार रात दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने भविष्य की रणनीति को लेकर अमित शाह से लंबी चर्चा की. असम के मुख्यमंत्री और झारखंड भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा भी इस मौके पर उपस्थित थे। रात 11.30 बजे हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर यह जनाकारी साझा की, जिसमें यह बताया गया कि चंपई सोरेन रांची में 30 अगस्त को BJP में शामिल होंगे।
दिल्ली में शाह से मुलाकात के दौरान चंपई के साथ उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन भी उपस्थित थे। इससे यह भी तय हो गया है कि बाबूलाल सोरेन भी बीजेपी में शामिल होंगे। उनके भाजपा के टिकट पर विधासभा चुनाव लड़ने की भी चर्चाएं हैं। चंपई सोरेन मंगलवार को दिल्ली से झारखंड लौटेंगे। बताया जा रहा है कि वह बुधवार 28 अगस्त को झामुमो और हेमंत मंत्रिमंडल से इस्तीफा देंगे।
पिछले एक 10 दिनों से चर्चा में थे चंपाई सोरेन
जानकारी के लिए बता दें कि हेमंत सरकार में मंत्री पद पर रहते हुए झामुमो से बगावती सुर अपनाने के बाद चंपाई सोरेन पिछले एक 10 दिनों से चर्चा में बने हुए हैं। पिछले हफ्ते 3 दिनों तक दिल्ली में कैंप करने के बाद वह झारखंड लौटे थे, तब भी उनके भाजपा में जाने को लेकर चर्चा तेज थी। इस बीच इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर चंपई ने अपमानित महसूस करने के कारण अपनी पुरानी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा से अलग होने की घोषणा की थी। बाद में उन्होंने अलग संगठन बनाने की भी बात कही थी। हालांकि भाजपा में उनके शामिल होने की चर्चाओं पर विराम नहीं लगा था।
दिल्ली जाने से पहले रांची में असम के CM और झारखंड भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा ने इस बात के संकेत दे दिए थे कि चंपई सोरेन शीघ्र BJP में शामिल होने वाले हैं। सोमवार दोपहर एक सवाल के जवाब में हिमंत ने कहा कि वह चाहते हैं कि चंपई सोरेन भाजपा में आएं, लेकिन चंपई बड़े नेता हैं। इसलिए उनके संबंध में कोई भी निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
ने कहा कि वह 6 महीने से चंपई सोरेन के संपर्क में हैं, लेकिन कभी भी कोई राजनीतिक बात नहीं हुई। मेरा मानना है कि चंपई सोरेन के आने से भाजपा को मजबूती मिलेगी। चंपई सोरेन को भाजपा में क्यों लाना चाहते हैं, यह पूछे जाने पर हिमंत ने कहा कि मैं तो चाहता हूं कि हेमंत सोरेन भी भाजपा में आएं, क्योंकि हमारा उद्देश्य राज्य का विकास करना है।
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