रांची/झारखंड: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने की संभावना के बीच कोल्हान के झामुमो नेताओं के भाजपा में आने पर चर्चा हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी 1995 में खरसावां से झामुमो विधायक (JMM MLA) रह चुके हैं। वे भाजपा में शामिल हुए। 3 बार CM बने। BJP ने केंद्र में मंत्री बनाया।
विद्युत वरण महतो BJP में 2014 में शामिल हुए और अब तीसरी बार सांसद हैं। जबकि संताल परगना में झामुमो से बीजेपी में आए नेता अपनी राजनीतिक पारी को आगे नहीं बढ़ा पाए। हेमलाल मुर्मू भाजपा के टिकट पर 2014 में राजमहल सीट पर चुनाव लड़े और हार गए। इसी तरह झामुमो नेता साइमन मरांडी भी भाजपा में आए। दोनों को असफलता हाथ लगी। हेमलाल मुर्मू ने झामुमो में वापसी कर ली। इसी तरह साइमन मरांडी भी झामुमो में लौट आए। इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में शिबू सोरेन की बड़ी बहू भाजपा के टिकट पर दुमका से उम्मीदवार हुईं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
पहले भी मिलती रही चुनौती
चंपई सोरेन झामुमो के संस्थापक सदस्य रहे हैं। सोरेन परिवार की रिश्तेदारी भी इस क्षेत्र में है। यहां पहले भी झामुमो को चुनौती देने वाले नेता होते रहे हैं। एक समय झामुमो के कद्दावर नेता रहे कृष्णा मार्डी ने भी पार्टी छोड़ दी थी। पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो भी अलग हुए। उनकी पत्नी आभा महतो भाजपा से सांसद बनीं।
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