पटना: जहानाबाद के श्रावणी मेले में भगदड़ के हादसे में सात लोगों की मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। इस घटना के बाद एडीएम विकास कुमार पर गाज गिरी है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट में एसडीएम को लापरवाही का दोषी ठहराया गया है, जिसके बाद नीतीश सरकार ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने डीएम की रिपोर्ट को सही मानते हुए एसडीएम विकास कुमार के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया है। उन्हें जहानाबाद के एसडीएम पद से हटा दिया गया है और अब वे पटना के वरीय उपसमाहर्ता की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में सारण के वरीय उपसमाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा को जहानाबाद का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है।
बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्य जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया है। एसडीएम विकास कुमार पर आरोप है कि उनकी लापरवाही के कारण बराबर पहाड़ी पर भगदड़ हुई, जिससे सात श्रद्धालुओं की जान गई।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने बताया कि उन्होंने एसडीएम के खिलाफ प्रपत्र (क) तैयार कर सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा। विभाग ने रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। विकास कुमार को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया है।
प्रपत्र (क) में यह आरोप लगाया गया है कि एसडीएम विकास कुमार ने जिलाधिकारी के आदेशों की अनदेखी की। निरीक्षण के दौरान वे निर्धारित ड्रेस कोड का पालन नहीं कर पाए और बिना आवश्यक अनुमति के मेले में झूला लगाने की इजाजत दी। मेले में विधि व्यवस्था का जिम्मा होने के बावजूद वे निर्धारित स्थल से अनुपस्थित रहे, जिससे 12 अगस्त 2024 को सिद्धेश्वरनाथ मंदिर प्रांगण में स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं के बीच विवाद बढ़ गया। इसके परिणामस्वरूप भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे सात श्रद्धालुओं की जान गई और कई लोग घायल हुए।
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