पटना: नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में आज एक दिलचस्प घटना घटित हुई। पार्टी दफ्तर में रोजाना किसी न किसी मंत्री का जनता दरबार लगता है और आज की बारी मंत्री विजेंद्र यादव की थी। मंत्री निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचे, लेकिन जल्द ही गुस्से में बाहर निकल गए। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “मैं जेडीयू में नहीं हूं। मुझसे सवाल मत पूछिए।”
विजेंद्र यादव का गुस्सा क्यों?
विजेंद्र यादव के गुस्से का कारण था कि जब वे पार्टी दफ्तर पहुंचे, तो देखा कि वहां पूरे बिहार के जेडीयू नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ था। आम तौर पर जनता दरबार में पार्टी कार्यकर्ता अपनी समस्याएं रखते हैं, लेकिन आज नेताओं ने कुर्सियों पर कब्जा जमा लिया था। इसके साथ ही, मंत्री ने पाया कि पार्टी ऑफिस में कोई व्यवस्था नहीं थी।
जेडीयू की अहम बैठक की जानकारी न होना
मंत्री ने जब पार्टी नेताओं से पूछा कि इतने सारे जेडीयू नेता क्यों जमा हैं, तो उन्हें बताया गया कि आज विधानसभा चुनाव को लेकर जेडीयू की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। पूरी पार्टी के पदाधिकारी, प्रकोष्ठों के नेता और जिलाध्यक्ष इस बैठक में शामिल होने के लिए बुलाए गए हैं। यह जानकारी सुनकर विजेंद्र यादव चकित रह गए, क्योंकि उन्हें इस बैठक के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई थी।
अनदेखी और नाराजगी
विजेंद्र यादव जेडीयू के सबसे वरिष्ठ मंत्री हैं और लंबे समय से राज्य सरकार में हैं। फिर भी, उन्हें पार्टी की इस महत्वपूर्ण बैठक की कोई सूचना नहीं मिली। बैठक में नीतीश कुमार, संजय झा, मंत्री विजय चौधरी, अशोक चौधरी, संजय गांधी, ललन सर्राफ, और नीरज कुमार जैसे नेताओं को मंच पर बिठाया गया, लेकिन विजेंद्र यादव को अनदेखा कर दिया गया।
प्रदर्शन और मान-मनौव्वल
इस पूरे घटनाक्रम से नाराज होकर मंत्री विजेंद्र यादव पार्टी ऑफिस से बाहर चले गए और मीडिया से कहा कि वे अब जेडीयू का हिस्सा नहीं हैं। उनके बाहर निकलने से पार्टी में हड़कंप मच गया। विजेंद्र यादव को मनाने के लिए पार्टी के नेताओं ने प्रयास शुरू कर दिए। मंत्री अपने विभाग में चले गए, और पार्टी नेताओं का एक दल उन्हें मनाने के लिए वहां पहुंच गया। पार्टी नेताओं ने माफी मांगी और बाहर गलत संदेश जाने का हवाला दिया।
वापसी और बयान
मंत्री विजेंद्र यादव को मनाने के बाद उन्होंने पार्टी की बैठक में वापस शामिल होने का फैसला किया। मीडिया ने उन्हें फिर घेरा, और जब पूछा गया कि आप जेडीयू से अलग होने की बात कह रहे थे, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं तो मजाक कर रहा था।” इसके बाद, वे बैठक में शामिल हो गए और पार्टी नेताओं ने राहत की सांस ली।



































