Bihar Land Survey
Bihar Land Survey

पटना: जमीन सर्वे के मुद्दे में हुई फजीहत के बाद सरकार ने इस कार्य को तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया था, लेकिन अब राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने संकेत दिया है कि इसे और तीन महीने के लिए टाला जा सकता है। इस तरह, लोगों के पास जमीन के कागजात तैयार करने के लिए कुल 6 महीने का समय मिल सकता है। मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि राज्य के प्रखंड कार्यालयों में भ्रष्टाचार काफी बढ़ गया है और दलाल खुलेआम लोगों से पैसे वसूल रहे थे।

दिलीप जायसवाल ने कहा कि लोगों की परेशानी को देखते हुए जमीन सर्वे का कार्य बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रखंड में दलाल कागजात निकालने के नाम पर लोगों का शोषण कर रहे हैं। मंत्री ने लोगों से आश्वासन दिया कि वे चिंता न करें, उन्हें तीन महीने का और समय मिलेगा ताकि वे अपने जमीन के कागजात प्राप्त कर सकें।

उन्होंने यह भी बताया कि 16-17 प्रतिशत जमीनों पर ही विवाद है, जबकि 60 प्रतिशत लोग इस अवधि में अपने काम को पूरा कर सकेंगे। सरकार रैयतों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उन्हें ब्लॉक कार्यालयों में दौड़ने की जरूरत न पड़े।

जायसवाल ने यह स्पष्ट किया कि यदि इसके बाद भी किसी कारणवश किसी की जमीन का सर्वे नहीं होता है, तो सरकार उस रैयत के घर जाकर सर्वे कराएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि जहां मामले अधिक लंबित होंगे, वहां एक दर्जन से अधिक सीओ (सर्किल ऑफिसर) भेजकर काम को पूरा कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सरकार एक सीओ की टीम तैयार कर रही है, जो उन जगहों पर भेजी जाएगी जहां कार्य अधिक पेंडिंग है। अब तक 37 सीओ के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, और चार कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार एक पुराना मुद्दा है, लेकिन इसे धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा।

ALSO READ

Tirupati Laddu Row: तिरुपति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, ‘भगवान को राजनीति से दूर रखें’; सरकार से पूछे कई सवाल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here