पटना: बिहार में आठ साल से लागू पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी का सिलसिला जारी है। ताजा घटना मुजफ्फरपुर जिले की है, जहां तस्करों ने एक सरकारी भवन को शराब का गोदाम बना दिया है। पारू के महिला विकास मंडल के भवन से पुलिस ने 135 कार्टन शराब जब्त की है और मुखिया सहित सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने पारू थाना क्षेत्र के फंदा गांव में एक सरकारी भवन से 135 कार्टन अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद की। हालांकि, इस छापेमारी के दौरान कोई तस्कर पकड़ा नहीं जा सका। शराब को सरकारी भवन के एक कमरे में बोरे से ढककर छिपाया गया था, जिस पर महिला विकास मंडल का बोर्ड लगा था। इसकी देखरेख का कार्य चिंतामणपुर पंचायत के मुखिया के पति मोती राम को सौंपा गया था।

उत्पाद इंस्पेक्टर शिवेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पारू प्रखंड के एक सरकारी भवन में शराब छिपाई गई है। त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई और शराब जब्त की गई। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर फरार हो गए। इस मामले में मुखिया पति मोती राम, फंदा गांव के संदीप सिंह, नीतेश सिंह, मोहम्मद आबिद, रंजन सिंह, भिखनपुरा के जयनाथ राय, और सरैया मधौल के विक्रम राय के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब तस्करों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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