नई दिल्लीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार (27 जून) को दोनों सदनों के संयुक्त संबोधन के दौरान NEET पेपर लीक के बारे में बात की। विपक्ष ने खूब हंगामा किया. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देश के हर युवा के लिए बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के लिए सही माहौल बनाने के लिए जुटी हुई है. राष्ट्रपति के भाषण के दौरान, विपक्षी सांसदों ने ‘नीट-नीट’ के नारे लगाए. इस दौरान राष्ट्रपति को विपक्षी सांसदों से भी सुनने के लिए कहना पड़ा।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का सही अवसर मिले। चाहे वह सरकारी भर्ती हो या फिर परीक्षाएं, किसी भी कारण से रुक जाना अजीब बात है। इन परीक्षाओं में शुचिता एवं पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। पेपर लीक के संबंध में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि हाल ही में कुछ परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिनकी निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
Paper Leak को लेकर दलीय राजनीति से ऊपर उठने की जरूरत: राष्ट्रपति
संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि कई राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं. इस मुद्दे पर दलीय राजनीति से ऊपर उठकर देशव्यापी उपाय करने की जरूरत है. संसद ने परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ सख्त कानून पारित किया. सरकार परीक्षाओं से जुड़े संस्थानों, उनकी कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया समेत तमाम सुधार लाने की कोशिश कर रही है। जब राष्ट्रपति ने पेपर लीक का जिक्र किया तो विपक्ष नारेबाजी करता नजर आया.
देश में कितने शिक्षण संस्थान खुले, राष्ट्रपति ने दी जानकारी
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दशक में उन सभी बाधाओं को दूर कर दिया गया है, जिनसे युवाओं को परेशानी होती थी। पहले अपने सर्टिफिकेट को अटैच करने के लिए भटकना पड़ता था. अब युवा इसे स्वयं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रुप सी और ग्रुप डी के लिए केंद्र सरकार भर्ती साक्षात्कार खत्म कर दिया गया है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पहले छात्र केवल भारतीय भाषा में पढ़ाई करते थे और उनके साथ अन्याय होता था. मेरी सरकार ने नई शिक्षा नीतियां लागू करके इस असमानता को दूर करने का प्रयास किया है। युवाओं के पास भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का अवसर है। देश में 7 नई आईआईटी, 16 ट्रिपल आईआईटी, 16 आईआईएम, 315 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गऐ हैं. सरकार इन संस्थानों को मजबूत बना रही है.
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