जयपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद अब केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मीराबाई पर दिए गए अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, सीकर में स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए अर्जुन राम मेघवाल ने मीराबाई के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके पति की मृत्यु के एक वर्ष बाद खानवा युद्ध में हुई, और इसके बाद उनके देवर ने उन पर शादी करने का दबाव डाला और उन्हें तंग किया।

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि इस प्रकार की घटनाओं का इतिहास में उल्लेख नहीं किया गया है, और वे इतिहास में संशोधन करेंगे। इस बयान के बाद अब क्षत्रिय समाज में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। बीकानेर संभाग के क्षत्रिय सभा के प्रवक्ता डूंगर सिंह तेहनदेसर ने कहा कि यह बयान न केवल अनुचित है, बल्कि इतिहास से परे भी है। उन्होंने कहा कि इस बयान से मीराबाई के भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और समाज इस बयान के विरोध में है।

मेघवाल ने दी सफाई

अर्जुन राम मेघवाल ने अपने बयान के बाद एक डिजिटल चैनल को दिए गए इंटरव्यू में मीराबाई को देवी समान बताया और कहा कि उनके जैसा व्यक्तित्व किसी और में नहीं पाया जा सकता। उन्होंने मीराबाई की भक्ति और प्रेम के योगदान की सराहना की और कहा कि मीराबाई का व्यक्तित्व भारतीय समाज के लिए प्रेरणादायक है। मेघवाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि मीराबाई का व्यक्तित्व समाज के हर वर्ग के लिए आदर्श है और उनकी कृष्ण भक्ति की अलौकिक ज्योति हमेशा प्रासंगिक बनी रहेगी।

सोशल मीडिया पर बवाल और माफी की मांग

कानूनी मंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुद्दे को लेकर बवाल मच गया है। क्षत्रिय समाज ने उनके बयान का विरोध करते हुए ट्विटर पर एक ट्रेंड शुरू किया, जिसमें मीराबाई पर दिए गए बयान के लिए माफी की मांग की गई। गुरुवार दोपहर तक #अर्जुनराममेघवाल ट्रेंड कर रहा था और लगभग 8000 ट्वीट किए गए थे।

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह का विरोध

राजस्थान के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास भी अर्जुन राम मेघवाल के बयान को लेकर नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि कानून मंत्री को घमंड हो गया है। उन्होंने कहा कि घमंड रावण का भी नहीं चला था। प्रताप सिंह ने इतिहास में संशोधन करने की मेघवाल की टिप्पणी पर सवाल उठाया और कहा कि वह कौन होते हैं जो इतिहास को बदल सकते हैं। उन्होंने मीराबाई के बारे में मेघवाल के बयान की कड़ी आलोचना की और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सवाल किया कि क्या वे केंद्रीय मंत्री के इस बयान से सहमत हैं।

सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया

अर्जुन राम मेघवाल के बयान ने न केवल राजनीतिक, बल्कि सामाजिक रूप से भी हंगामा खड़ा कर दिया है। मीराबाई की भक्ति और उनके योगदान के बारे में दी गई इस टिप्पणी पर दोनों पक्षों के बीच तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस मुद्दे पर अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं।

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