पटना: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं में भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष पर आरोप की एक नई लहर चल पड़ी है। भाजपा के विभिन्न नेता अपने विरोधियों पर तीखे हमले कर रहे हैं, जो बिहार और दिल्ली की राजनीति में एक नई गर्माहट का संकेत दे रहे हैं।
बिहार में तेजस्वी यादव पर हमला
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी यादव को समाज के लिए ‘अभिशाप’ बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जायसवाल ने तेजस्वी यादव की योग्यता और उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि को निशाना बनाते हुए कहा कि वह विकास की दिशा में कोई महत्वपूर्ण योगदान नहीं दे पाए हैं। जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी यादव ने अपनी शिक्षा पूरी नहीं की और उनका ध्यान क्रिकेट खेल में ही रहा।
विजय कुमार सिन्हा का बयान
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तेजस्वी यादव और उनके परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि यादव परिवार ने अपनी राजनीतिक ताकत का दुरुपयोग किया है। सिन्हा ने कहा कि तेजस्वी यादव केवल ‘मैट्रिक पास’ हैं और उनकी शिक्षा का स्तर बेहद नीचा है। सिन्हा ने बिहार में हाल ही में हुए पुल के गिरने की घटना का भी उल्लेख किया, यह बताते हुए कि विकास की स्थिति कितनी खराब है।
अरविंद केजरीवाल पर आरोप
वहीं, विजय कुमार सिन्हा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने केजरीवाल को ‘भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण’ करार दिया। सिंह ने कहा कि केजरीवाल जितना पढ़े-लिखे हैं, उतना ही भ्रष्टाचार के चरम पर पहुंच गए हैं। यह बयान बीजेपी के सदस्यता अभियान के दौरान दिया गया।
भ्रष्टाचार की राजनीति पर सवाल
विपक्ष पर इन आरोपों के बीच, कई विशेषज्ञ यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह केवल राजनीतिक खेल है या वास्तव में ये नेता भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों पर सच्चे हैं। बीजेपी के नेताओं के द्वारा विपक्ष पर आरोप लगाने की यह स्थिति बताती है कि इनके विपक्ष पर आरोप का कोई ओर-छोर नहीं है। कोई ज्यादा पढ़ा-लिखा है वो भी भ्रष्टाचारी है और जो कम पढ़ाई किया है वो भी समाज के लिए अभिशाप है। बीजेपी नेताओं के ऐसे बयान से भ्रष्टाचार की राजनीति पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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