रांची/झारखंड: साइबर अपराधियों की नजर व्यापारियों, सरकारी और निजी कर्मियों के खाते पर रहती थी, लेकिन अब साइबर अपराधियों नजर CM सम्मान योजना को लाभुकों पर पड़ने लगी है, बताया जाता है कि साइबर अपराधियों के द्वारा लाभुकों को फोन कर बैंक एकांउट और एटीएम का पीन कार्ड मांगा जा रहा है, इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद सीएम हेमंत ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लाभुकों को सावधान करते हुए लिखा है कि” झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के संदर्भ में जानकारी आ रही है कि कई लाभुकों के मोबाइल नंबर पर योजना को लेकर कॉल आ रहें हैं, जो पूरी तरह से फर्जी है।
इसलिए योजना के तहत निबंधित बहन बेटियों से आग्रह है कि योजना के संदर्भ में या राशि हस्तांतरण से सम्बन्धित कॉल आने पर OTP या अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी कॉल करने वाले के साथ शेयर नहीं करें। झारखंड सरकार इस योजना को लेकर किसी तरह का कॉल नहीं कर रही है। अतः आप सभी सतर्क रहें और ऐसे कॉल आने पर अपने बैंक खाता की जानकारी नहीं दें।
तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड से बचना बहुत जरूरी है। कई लोग मैसेज या कॉल (Bank Fake Call) करके फ्रॉड कर रहे हैं। SMS, व्हाट्सएप, मेल या टेलीग्राम के जरिये भी मैसेज आ सकते हैं, इसलिए आप सभी से आग्रह है सावधान रहें। झारखण्ड पुलिस ऐसे मामलों को लेकर सतर्क हैं। किसी प्रकार की सूचना मिलने पर तुरंत एक्शन लेते हुए फर्जी कॉलर को चिन्हित करने का कार्य करे। साथ ही आप सभी से अनुरोध है की अपने आस-पास के / परिचितों/रिश्तेदारों तक भी यह जानकारी ज़रूर साझा करे.
जानकारी के लिए बता दें कि 18 अगस्त को पाकुड़ में एक कार्यक्रम आयोजित कर लाभुकों के खाते में पैसा भेजे जाने की शुरुआत की गयी थी, इसके तहत हर महीने लाभुकों के खाते में एक हजार रुपये की राशि आनी है, लेकिन इस बीच साइबर अपराधियों की नजर लाभुकों के बैंक खाते पर है, इस तरह की शिकायतों के बाद सीएम हेमंत को यह चेतावनी जारी करनी पड़ी.
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